निकाह के आदाब
आज का सवाल नंबर १९१८
शरीअत में हर चीज़ के आदाब और रहनुमाई है, तो निकाह के क्या आदाब और इस्लामी रहनुमाई है ?
जवाब
حامدا و مصلیا مسلما
निकाह के आदाब और रहनुमाई नीचे लिखे जाते है।
१। अच्छी निय्यत (निगाह और शर्मगाह की हिफ़ाज़त और नेक अवलाद पैदा होने की निय्यत) से निकाह करना।
२। शादी करने में जल्दी करना।
३। नैनो नफ़्क़ाह (बीवी का रोटी, कपड़ा, मकान के इंतिज़ाम) की ताक़त हो तो ही निकाह करना।
४। औरत को अपने वाली-क़रीबी रिश्तेदार के ज़रिये पैगाम भिजवाना ।
५। दूसरे के पैगामे निकाह पर अपना पैग़ाम न भेजना।
६। औरत का अपनी शौतन की तलाक़ का मुतालबा न करना।
७। शादी से पहले जिस से निकाह का ईरादह हो उस को एक नज़र देख लेना।
८। शादी से पहले औरत की राय मालूम करना।
९। मर्द और औरत का दिल एक दुसरे की तरफ माइल हो (और कोई शरई रुकावट न हो) तो उन का आपस में निकाह करा देना।
१०। दीनदार और अचछे अख़लाक़ वाली शरीके हयात को पसंद करना।
११। कुफु (यानि नसब, दीन, माल, धंधे में बराबरी) का ख्याल रखना (ताके मिजाज़, तोरो तरीक़ मिले तो ज़गड़े पैदा न हो)
१२। ज़यादा बच्चे जनने वाली औरत को तलाश करना।
बाकी कल इन शा अल्लाह त’आला
सुननो आदाब सफा ३३७
हिजरी तारीख़ :
२१ / रबीउल अव्वल ~ १४४१ हिजरी
मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन
उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.
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